
कटघोरा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): शहर में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आगामी छुट्टियों व वैवाहिक सीजन के दौरान चोरी की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से कटघोरा थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। एसडीओपी विजय सिंह राजपूत और थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में स्थानीय व्यापारी, पार्षद एवं विभिन्न जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
सूने मकानों की सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि बच्चों की छुट्टियों या विवाह कार्यक्रमों में बाहर जाते समय घर को पूरी तरह असुरक्षित न छोड़ें। पुलिस ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:
जिम्मेदारी तय करें: बाहर जाते समय अपने किसी विश्वसनीय व्यक्ति या पड़ोसी को घर की निगरानी की जिम्मेदारी देकर जाएं।
कीमती सामान: घर में भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात या नकदी रखने के बजाय उन्हें बैंक लॉकर में सुरक्षित रखें।
सतर्कता: घर के सामने और आसपास पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) की व्यवस्था रखें ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर कोई अप्रिय घटना न हो।
व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए थाना प्रभारी ने दुकानदारों को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने और उन्हें चालू रखने के निर्देश दिए। साथ ही, दुकान और घर के सामने वाहनों को लावारिस स्थिति में न छोड़ने की सलाह दी गई।
व्यापारियों को सीसीटीवी और सुरक्षा के निर्देश
बैंक लेनदेन में बरतें सावधानी
एसडीओपी विजय सिंह राजपूत ने आर्थिक सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा:
”बैंक से बड़ी धनराशि का लेनदेन करते समय सीधे गंतव्य तक जाएं। रास्ते में कहीं न रुकें और न ही किसी अनजान व्यक्ति से मदद लें या बातचीत करें। अपराधी अक्सर झांसा देकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।”
सशक्त’ ऐप से मिलेगी तत्काल मदद
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से पुलिस द्वारा संचालित ‘सशक्त’ ऐप (Sashakt App) की जानकारी दी। व्यापारियों को बताया गया कि कैसे इस ऐप के माध्यम से वे आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क कर सकते हैं और अपराधों की सूचना दे सकते हैं। पुलिस ने ऐप की कार्यप्रणाली समझाते हुए इसे सभी के मोबाइल में डाउनलोड करने का सुझाव दिया ताकि सुरक्षा का कवच हर वक्त साथ रहे।
सशक्त पुलिसिंग का भरोसा
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने शहरवासियों को ‘सशक्त पुलिसिंग’ का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी, लेकिन अपराध मुक्त शहर के लिए जनसहयोग अनिवार्य है। जनप्रतिनिधियों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की और सुरक्षा नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया।