
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के विकासखंड पॉन्डी उपरोड़ा से भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कार्यरत ‘आवास मित्रों’ ने विकासखंड समन्वयक (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि विकासखंड समन्वयक धर्मेंद्र सिंह पैकरा द्वारा क्षेत्र के आवास मित्रों के साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है। पीड़ित आवास मित्रों का कहना है कि उनका मानदेय (Honorarium) जारी करने के बदले में समन्वयक द्वारा ‘दारू और मुर्गे’ की मांग की जाती है। जो आवास मित्र इस अवैध मांग को पूरा नहीं करते, उनका मानदेय जानबूझकर रोक दिया जाता है।
जिला पंचायत का नाम लेकर बनाया जा रहा दबाव
परेशान आवास मित्रों ने बताया कि जब वे अपने हक के मानदेय के लिए समन्वयक से संपर्क करते हैं, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि “आपका मानदेय जिला पंचायत से रुका हुआ है।” जबकि वास्तविकता यह है कि ब्लॉक स्तर पर प्रक्रियाओं को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है ताकि कर्मियों पर अनैतिक दबाव बनाया जा सके।
आवास मित्रों में भारी आक्रोश
विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के कई आवास मित्र वर्तमान में आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। फील्ड पर मेहनत करने के बावजूद, अधिकारी की इस कथित तानाशाही और ‘पार्टी’ की मांग ने सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना यह होगा कि इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला प्रशासन और जिला पंचायत सीईओ इस भ्रष्ट आचरण पर क्या कार्रवाई करते हैं।