
कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) : छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 19 वर्षीय युवक ने पड़ोस में रहने वाले महज 7 साल के मासूम बच्चे को अपनी हवस और गुस्से का शिकार बना डाला। इस जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इसका मुख्य कारण युवक नशे के आदि था
शोर मचाने पर पत्थर से कुचला सिर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ने पहले मासूम बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य (गलत हरकत) किया। जब मासूम ने विरोध करते हुए शोर मचाना शुरू किया, तो पकड़े जाने के डर से आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उसने पास पड़े पत्थर से मासूम का सिर कुचलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
ग्राम पंचायत डोगानाला के आश्रित ग्राम गणेशपुर में एक युवक की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है। इस घटना को लेकर ग्राम डोंगानाला के सरपंच व भाजपा जिला किसान मोर्चा के महामंत्री कीर्ति कश्यप ने आबकारी विभाग, पुलिस प्रशासन और अनुविभागीय अधिकारी (SDM) की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण ही गणेशपुर नशे की गर्त में डूब रहा है।

हथकरघा निगम के भवन पर अवैध कब्जा और नशाखोरी
कीर्ति कश्यप ने खुलासा किया कि गणेशपुर में स्थित हथकरघा निगम के शासकीय भवन पर आदेश गोड़ा नामक व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। आरोप है कि इस सरकारी भवन का उपयोग गांजा, अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों को बेचने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में किया जा रहा है।
पंचायत के प्रस्ताव और ज्ञापन को किया गया दरकिनार
हैरानी की बात यह है कि इस अवैध कब्जे और नशाखोरी के खिलाफ ग्राम पंचायत ने बकायदा प्रस्ताव पारित कर भवन खाली कराने के लिए आला अधिकारियों को बार-बार पत्र लिखा है। यही नहीं, पूर्व में ग्राम पंचायत सरपंच और गांव की महिलाओं ने भी एकजुट होकर नशाखोरी के विरुद्ध ज्ञापन सौंपा था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की।
नशे की चपेट में बचपन
कीर्ति कश्यप ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन की इसी निष्क्रियता का परिणाम है कि आज गणेशपुर के छोटे-छोटे बच्चे भी नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। यदि समय रहते पुलिस और आबकारी विभाग ने इस अवैध अड्डे को बंद नहीं कराया और शासकीय भवन को कब्जा मुक्त नहीं किया, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
प्रमुख शिकायतें और मांगें:
- आदेश गोड़ा पर कार्यवाही: शासकीय भवन पर अवैध कब्जा कर नशा बेचने वाले पर बन्द करने ।
- भवन की मुक्ति: हथकरघा निगम के भवन को प्रशासन अपने नियंत्रण में लेकर खाली कराए।
- गश्त की मांग: क्षेत्र में आबकारी और पुलिस विभाग की सक्रियता बढ़ाई जाए ताकि युवाओं को नशे से बचाया जा सके।