कटघोरा की सेवा गैस एजेंसी में अव्यवस्था का आलम, उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार और सुरक्षा नियमों की उड़ा रहे धज्जियां

कटघोरा: नगर के रिहायशी इलाके और स्कूल के समीप संचालित सेवा गैस एजेंसी इन दिनों अपनी मनमानी और बदइंतजामी के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीण उपभोक्ताओं के साथ कर्मचारियों का अमर्यादित व्यवहार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है।

अभद्र व्यवहार और ‘टाइमिंग’ का बहाना

​दूर-दराज के गांवों से आने वाले उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसी के कर्मचारी उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार करते हैं। जब ग्रामीण अपनी बारी या सिलेंडर की मांग करते हैं, तो कर्मचारी ‘टाइमिंग’ का हवाला देकर उन्हें घंटों इंतजार कराते हैं या टालमटोल करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सेवा देने के बजाय कर्मचारी अपनी मनमानी चलाने में लगे हैं।

होम डिलीवरी ठप, महिला कर्मचारियों के भरोसे व्यवस्था

​हैरानी की बात यह है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एजेंसी की घर पहुंच सेवा (Home Delivery) पूरी तरह ठप पड़ी है। उपभोक्ताओं को खुद एजेंसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं, एजेंसी में किसी जिम्मेदार अधिकारी या प्रबंधक के न होने से संवाद का अभाव है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि किसी भी शिकायत पर महिला कर्मचारियों को आगे कर दिया जाता है, जिससे आम जनता को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।

स्कूल और घनी बस्ती के बीच ‘हादसे’ का न्योता

​सबसे गंभीर विषय गैस एजेंसी का स्थान है। यह एजेंसी न केवल घनी बस्ती के बीच संचालित है, बल्कि पास में ही स्कूल भी स्थित है। ज्वलनशील सिलेंडरों का रिहायशी इलाके और शैक्षणिक संस्थान के इतना करीब होना सुरक्षा नियमों की सरेआम अवहेलना है। स्थानीय निवासियों में डर है कि यदि कोई छोटी सी भी दुर्घटना हुई, तो भारी जनहानि हो सकती है।

प्रमुख समस्याएँ एक नज़र में:

  • अशिष्टता: कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों से बदसलूकी।
  • लापरवाही: होम डिलीवरी पूरी तरह बंद, उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ।
  • सुरक्षा का खतरा: स्कूल और रिहायशी क्षेत्र के बीच संचालन।
  • जिम्मेदारी से बचाव: शिकायत सुनने के लिए किसी जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति।

प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग:

स्थानीय जनता और ग्रामीण उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और सुरक्षा मानकों की जांच करने की मांग की है।