Korba : कटघोरा में फिर मौत बनकर गिरा PWD का बोर्ड: CCTV में कैद हुआ खौफनाक मंजर, बाल-बाल बची कार सवारों की जान..

कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) अशुतोष शर्मा :कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग पर स्थित न्यू बस स्टैंड के पास सोमवार को एक बार फिर पीडब्ल्यूडी (PWD) की लापरवाही सड़क पर मौत बनकर उतरी। तेज आंधी और तूफान के दौरान एक विशालकाय सांकेतिक बोर्ड अचानक उखड़कर मुख्य मार्ग पर आ गिरा। इस पूरी घटना का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो पास के सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गया है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए।


CCTV में दिखा मौत और जिंदगी का फासला


वायरल फुटेज में साफ दिख रहा है कि सड़क पर सामान्य यातायात चल रहा है, तभी आंधी के एक तेज झोंके के साथ भारी-भरकम लोहे का बोर्ड ताश के पत्तों की तरह ढह जाता है। जिस वक्त बोर्ड जमीन की ओर गिर रहा था, ठीक उसी समय उसके नीचे से एक कार गुजर रही थी। ड्राइवर की सूझबूझ और किस्मत ने साथ दिया और कार महज एक सेकंड के फासले से बोर्ड की चपेट में आने से बच गई। अगर कार की रफ्तार थोड़ी भी कम होती, तो एक बड़ा और दर्दनाक हादसा निश्चित था।


पुरानी घटना से भी नहीं लिया सबक: न्यायालय के पास गई थी जान


इस घटना ने स्थानीय लोगों के जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले कटघोरा न्यायालय के पास भी इसी तरह एक जर्जर बोर्ड गिरने की घटना हो चुकी है। उस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई थी। उस बड़ी त्रासदी के बाद भी प्रशासन और PWD विभाग की नींद नहीं खुली, जिसका प्रमाण न्यू बस स्टैंड के पास गिरा यह जर्जर खंभा है।


न्यू बस स्टैंड पर मची अफरा-तफरी और दहशत


बस स्टैंड जैसे व्यस्ततम इलाके में बोर्ड गिरने से जोरदार धमाका हुआ, जिससे राहगीरों और दुकानदारों में भगदड़ मच गई। घटना के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस और PWD की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से भारी बोर्ड को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया।


जनता के तीखे सवाल: क्या प्रशासन को एक और मौत का इंतजार है?


स्थानीय नागरिकों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि:
आखिर विभाग जर्जर हो चुके खंभों और बोर्डों का ऑडिट क्यों नहीं करता?
न्यायालय के पास हुई मौत के बाद भी सेफ्टी मानकों में सुधार क्यों नहीं हुआ?
जर्जर हो चुके ढांचे को आंधी-तूफान के सीजन से पहले बदला क्यों नहीं गया?


निष्कर्ष: यह घटना स्पष्ट करती है कि कटघोरा के मुख्य मार्गों पर लगे कई सांकेतिक बोर्ड अब “डेथ वारंट” बन चुके हैं। अगर समय रहते इन जर्जर ढांचों को नहीं हटाया गया, तो न्यायालय मार्ग जैसी घटना की पुनरावृत्ति कभी भी हो सकती है।