छत्तीसगढ़ भाजपा में अब मिशन 2028 की तैयारी तेज ! स्मृति ईरानी दो दिन में परखेंगी संगठन की ताकत, साय सरकार के साथ समन्वय पर भी नजर, 25 और 26 अक्टूबर को रायपुर में बैठकों का दौर, प्रदेश से जिला स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों की होगी समीक्षा

रायपुर | 25 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ में भाजपा की आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर आज से हलचल तेज होने जा रही है। पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचेंगी। उनके साथ प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शम्भू भी रहेंगे। इस दौरे को केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे संगठन की मौजूदा स्थिति समझने, जिम्मेदारियों की समीक्षा करने और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्मृति ईरानी के सामने प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक ढांचे, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सरकार तथा संगठन के बीच तालमेल से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी लेने का अवसर होगा। दो दिनों के कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों से लेकर सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और जिला स्तर के नेताओं के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं।

संगठन से सरकार तक संवाद, कई अहम बैठकों पर रहेगी नजर

रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बैठकों का आयोजन प्रस्तावित है। पहले दिन प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री, प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग और जिला प्रभारियों तथा अन्य संगठनात्मक प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की जाएगी। पूर्व सांसदों-विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ संवाद के बाद कोर ग्रुप की बैठक भी कार्यक्रम का हिस्सा है।

दौरे के दूसरे दिन विधायकों, सांसदों, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। विचार परिवार के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी कार्यक्रम में शामिल बताया गया है। इन बैठकों में संगठन की गतिविधियों, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर चर्चा होने की संभावना है।

साय सरकार और संगठन के तालमेल पर भी रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और भाजपा संगठन के बीच समन्वय इस दौरे का एक अहम पहलू माना जा रहा है। सरकार की प्राथमिकताओं, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और संगठन की अपेक्षाओं के बीच बेहतर तालमेल को लेकर विचार-विमर्श हो सकता है। हालांकि, बैठकों के निष्कर्ष और किसी नई जिम्मेदारी के आवंटन को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

स्मृति ईरानी का अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी संगठनात्मक भूमिका इस दौरे को खास बनाती है। प्रदेश प्रभारी के रूप में यह उनका पहला छत्तीसगढ़ प्रवास है। ऐसे में पार्टी के मौजूदा और पूर्व पदाधिकारियों से संवाद के जरिए संगठन की स्थिति और जमीनी गतिविधियों का फीडबैक लेने पर भी ध्यान रहने की संभावना है।

मिशन 2028 की तैयारी अभी से, बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने की चुनौती

छत्तीसगढ़ में अगले विधानसभा चुनाव वर्ष 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी समय होने के बावजूद भाजपा संगठनात्मक स्तर पर तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। जिला, मंडल और बूथ स्तर पर नियमित गतिविधियां, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता आगामी रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से हो सकते हैं।

स्मृति ईरानी के दौरे के दौरान इन विषयों पर चर्चा और संगठन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने की उम्मीद है। हालांकि, किसी नए अभियान, संगठनात्मक फेरबदल या विशेष राजनीतिक फैसले की आधिकारिक घोषणा होने पर ही उसकी पुष्टि की जा सकेगी।

कुल मिलाकर, दो दिवसीय दौरा छत्तीसगढ़ भाजपा के लिए संगठन और सरकार के कामकाज की समीक्षा, नेताओं के बीच संवाद और आगामी चुनावी रणनीति की दिशा तय करने का अवसर है। अब निगाहें बैठकों में होने वाली चर्चा और उनके बाद सामने आने वाले निर्देशों पर रहेंगी।