
पसान/कोरबा / सेन्ट्रल छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले अंतर्गत पसान थाना क्षेत्र में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव मनोज कुमार मरावी के साथ कथित रूप से गाली-गलौज, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। सड़क पार करने के दौरान उपजे मामूली विवाद के बाद यह स्थिति बनी, जिसके बाद मरावी ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सड़क पार करने के दौरान हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 24 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग 11:30 बजे की है। मनोज कुमार मरावी ग्राम पसान के मुख्य मार्ग पर गोंगपा किसान मोर्चा के ब्लॉक अध्यक्ष भुवन सिंह पेद्रो के निवास के पास मौजूद थे। वहां रेत से लदे एक ट्रैक्टर चालक से बात करने के लिए जैसे ही वे सड़क पार करने लगे, तभी पीछे से मोटरसाइकिल सवार दो युवक पहुंचे।
बताया जा रहा है कि बाइक सवार इलेक्ट्रॉनिक सामान (टॉर्च, घड़ी आदि) बेचने का काम करते हैं। बाइक रोकते ही उन्होंने मरावी पर लापरवाही से चलने का आरोप लगाते हुए ऊंची आवाज में टिप्पणी की। मरावी द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से बात करने का आग्रह करने पर विवाद और बढ़ गया।
गाली-गलौज और वाहन से कुचलने की धमकी
शिकायत के अनुसार, शांत रहने की बात सुनते ही बाइक सवार व्यक्ति भड़क उठा और उसने मरावी के साथ मां-बहन की अभद्र गालियां देते हुए जातिगत व व्यक्तिगत रूप से अपमानित करने का प्रयास किया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपी ने उन्हें किसी वाहन से कुचलवाकर जान से मारने की धमकी भी दी और इसके बाद अपने साथी के साथ कोटमी की ओर फरार हो गया।
घटना के तुरंत बाद मनोज मरावी ने पसान थाना पहुंचकर नामजद विवरण के साथ शिकायत सौंपी और आरोपी के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्र के प्रमुख युवा व सामाजिक प्रतिनिधि हैं मरावी
मनोज कुमार मरावी कोरबा जिले के ग्राम कुदरी (सेंदूरगढ़) के निवासी हैं और क्षेत्र में छात्र व सामाजिक मुद्दों पर लंबे समय से मुखर रहे हैं:
- छात्र राजनीति में सक्रियता: गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन (GSU) के जिलाध्यक्ष और प्रदेश महासचिव के रूप में उन्होंने शिक्षा और छात्र अधिकारों को लेकर कई आंदोलन किए हैं।
- वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे गोंगपा युवा मोर्चा, छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
- जनसमस्याओं में भागीदारी: हाल ही में पसान क्षेत्र में हाथियों के प्रकोप से हुए फसल नुकसान व जनहानि के समाधान को लेकर 22 अक्टूबर को आयोजित बैठक में भी वे शामिल हुए थे। घटना के समय वे मुंगेली प्रवास के लिए निकल रहे थे।
निष्पक्ष जांच की उठ रही मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधि और गोंगपा कार्यकर्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि दिनदहाड़े मुख्य मार्ग पर एक जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का अमर्यादित व्यवहार और जान से मारने की धमकी कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की सूक्ष्मता से जांच कर आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटनाओं पर रोक लग सके।