ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनाने की तैयारी, CM साय ने राष्ट्रीय मंच पर पेश किया निवेश का रोडमैप

भारत मंडपम में हरित ऊर्जा पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन, नवीकरणीय ऊर्जा नीति और निवेश की संभावनाओं को किया गया प्रदर्शित

नई दिल्ली। ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी स्थापित पहचान रखने वाला छत्तीसगढ़ अब स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं तलाश रहा है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो-2026 के दौरान छत्तीसगढ़ की हरित ऊर्जा नीति और निवेश संभावनाओं पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।

इस अवसर पर राज्य की ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी नीतियों, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया गया। पुस्तक में छत्तीसगढ़ की नवीकरणीय ऊर्जा नीति, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने वाली पहल और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।

निवेशकों के सामने रखी गई छत्तीसगढ़ की संभावनाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और नवाचार के नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने और छत्तीसगढ़ को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन तथा निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि यह पुस्तक निवेशकों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को राज्य की नीतियों, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की संभावनाओं को समझने में मदद करेगी।

स्वच्छ ऊर्जा विकास पर सरकार का फोकस

भारत मंडपम में आयोजित समिट एवं एक्सपो के दौरान छत्तीसगढ़ ने अपनी नवीकरणीय ऊर्जा नीति और निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित किया। इस पहल का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना और स्वच्छ ऊर्जा के विकास को गति देना है।

राज्य सरकार की इस पहल से निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उपलब्ध अवसरों की जानकारी मिलेगी। साथ ही ग्रीन एनर्जी से जुड़े नए प्रोजेक्ट और नवाचारों के लिए संभावनाएं तलाशने का रास्ता भी खुलेगा।

कार्यक्रम में क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।