
सेन्ट्रल छत्तीसगढ़/: कोरबा जिले के लखनपुर में प्रतिवर्ष की परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी दशहरे के दूसरे दिन विजयदशमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के इस प्रतीक पर्व को देखने के लिए समूचे क्षेत्र से भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। आयोजन स्थल पर प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की सजीव एवं मनमोहक झांकी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं और दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया।
आतिशबाजी के बीच 60 फीट ऊंचे रावण का हुआ दहन कार्यक्रम के दौरान परंपरा अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्रीराम के जयकारों के बीच लगभग 60 फीट ऊंचे रावण के विशालकाय पुतले का दहन किया गया। जैसे ही रावण के पुतले में अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा मैदान भगवान श्रीराम के जयघोष और भव्य आतिशबाजी से गूंज उठा। इस क्षण को देखने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे।
कोरबा के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल रावण दहन के तुरंत बाद कोरबा से पहुंचे प्रसिद्ध सांस्कृतिक दलों के कलाकारों द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। पारंपरिक व भक्ति गीतों पर दी गई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। कलाकारों की कला और अभिनय की उपस्थित जनसमूह व अतिथियों ने जमकर सराहना की।
अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पवन सिंह व राइस मिल एसोसिएशन के प्रशांत अग्रवाल द्वारा मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का आत्मीय स्वागत व सम्मान किया गया।
जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जनपद अध्यक्ष माधुरी तंवर, जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद जाखड़, जनपद सदस्य सरस्वती जायसवाल, आयुष सिंह, विजय दुबे, राहुल अग्रवाल सहित क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों के सरपंच, जनपद प्रतिनिधि और स्थानीय प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। इसके साथ ही शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन तथा प्रशासनिक अधिकारी भी आयोजन स्थल पर मुस्तैद रहे।
लखनपुर में दशहरे के दूसरे दिन रावण दहन की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। आयोजन समिति के बेहतर प्रबंधन और ग्रामीणों के सहयोग से यह पूरा उत्सव अत्यंत शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भव्य वातावरण में संपन्न हुआ।