रायपुर, 6 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले लोगों व संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ शुरू किया है। पुरस्कार के लिए चयनित व्यक्ति या संस्था को 1 लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
नारायणपुर के चेंदरू राम मंडावी को दुनिया में ‘द टाइगर बॉय चेंदरू’ के नाम से पहचान मिली थी। करीब 1950 के आसपास बाघ के साथ उनकी दोस्ती की कहानी ने बस्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया था। अब उनके नाम पर शुरू किया गया यह पुरस्कार ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सम्मानित करेगा।
ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने की कोशिश
राज्य सरकार ने पुरस्कार के संचालन के लिए ‘चेन्दरू, राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम, 2025’ लागू किए हैं। इन नियमों के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट और प्रभावी कार्य करने वाले व्यक्ति या संस्था का चयन किया जाएगा।
पुरस्कार का उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित रखने के बजाय इसे स्थानीय रोजगार, आजीविका, सांस्कृतिक संरक्षण और सतत विकास से जोड़ना है।
होमस्टे और स्थानीय संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
ग्रामीण पर्यटन के तहत होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, लोक संस्कृति, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत और समुदाय आधारित पर्यटन जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर रहेगा।
चेंदरू के नाम से बस्तर की विरासत को सम्मान
पुरस्कार का नाम चेंदरू राम मंडावी के नाम पर रखने के पीछे बस्तर की विशिष्ट पहचान और प्राकृतिक विरासत को सामने लाने का उद्देश्य है। सरकार के अनुसार, इस पुरस्कार के जरिए उन जमीनी लोगों और संस्थाओं को पहचान दी जाएगी, जो अपने क्षेत्र में पर्यटन के माध्यम से बदलाव ला रहे हैं।
जीवनकाल में केवल एक बार मिलेगा पुरस्कार
नियमों के अनुसार चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। किसी व्यक्ति को यह पुरस्कार उसके जीवनकाल में केवल एक बार प्रदान किया जा सकेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांवों में संस्कृति, परंपरा और प्रकृति की समृद्ध विरासत है। ग्रामीण पर्यटन के जरिए इसका लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचाने और युवाओं, महिलाओं तथा ग्रामीण उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दे रही है। ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ को इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।