कोरबा के ऐतिहासिक छुरी कला में रियासतकालीन परंपरा से मनेगा दशहरा: 90 फीट के गगनचुंबी रावण का होगा दहन, 84 गांवों के जुटेंगे लोग; सुपरस्टार सुनील सोनी बिखेरेंगे सुरों का जलवा

कोरबा / छुरी कला / सेन्ट्रल छत्तीसगढ़: अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का पावन पर्व विजयादशमी आज छुरी कला में ऐतिहासिक गौरव और रियासतकालीन परंपरा के साथ अत्यंत भव्यता से मनाया जा रहा है। कोरबा जिले के ऐतिहासिक छुरी गढ़ी द्वारा आयोजित होने वाला यह दशहरा उत्सव अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और प्राचीन रजवाड़ा परंपरा के लिए पूरे अंचल में विशेष पहचान रखता है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा के साक्षी बनने और रावण दहन का दर्शन करने छुरी नगर सहित आसपास के लगभग 84 गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में जुट रहे हैं। इस वर्ष आयोजन का मुख्य आकर्षण 90 फीट ऊंचा गगनचुंबी रावण का पुतला और छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के सुपरस्टार सुनील सोनी की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति है।

राजघराने की चौखट से निकलेगी भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा

छुरी कला के विजयादशमी उत्सव की सबसे बड़ी विशेषता इसका पारंपरिक व राजसी स्वरूप है। रियासतकालीन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन की शुरुआत राजघराना परिवार के गढ़ी (महल) से होती है। यहां पारंपरिक पूजा-अर्चना और राजसी विधि-विधान के बाद भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा गाजे-बाजे, अखाड़े और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के साथ निकाली जाती है।

इस शोभायात्रा में राजपरिवार के सदस्य, नगर के गणमान्य नागरिक, व्यापारी बंधु, जनप्रतिनिधि तथा हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए ऐतिहासिक दशहरा मैदान ‘रावणभाटा’ पहुंचती है, जहां विधिवत राम-रावण युद्ध के मंचन के पश्चात असत्य के प्रतीक दशानन का दहन किया जाता है।

90 फीट के रावण का होगा दहन, 84 गांवों की दिखेगी एकजुटता

इस वर्ष रावणभाटा मैदान में 90 फीट ऊंचे विशालकाय रावण का निर्माण कराया गया है, जिसे देखने के लिए जनसैलाब उमड़ेगा। छुरी क्षेत्र के आसपास बसे 84 गांवों के ग्रामीणों के लिए यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मिलन का महापर्व है। ग्रामीण दूर-दराज से ट्रैक्टर, बैलगाड़ियों और निजी वाहनों से सपरिवार रावणभाटा पहुंचते हैं। रातभर चलने वाले इस मेले और उत्सव में पूरा क्षेत्र राममय और उत्सव के उल्लास में सराबोर नजर आता है।

आयोजन समिति की मुस्तैद तैयारी: कुमार राज्यवर्धन प्रताप सिंह के नेतृत्व में भव्य रूप

इस ऐतिहासिक आयोजन को भव्य और अनुशासित रूप देने के लिए आयोजन समिति पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है। आयोजन समिति ‘बारह पाठा’ के अध्यक्ष कुमार राज्यवर्धन प्रताप सिंह के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में पूरे नगर और रावणभाटा मैदान को आकर्षक रोशनी व तोरणद्वारों से सजाया गया है। सुरक्षा, पेयजल, रोशनी और दर्शकों के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि 84 गांवों से आने वाले किसी भी ग्रामीण व श्रद्धालु को असुविधा न हो।

नवदुर्गा विसर्जन, व्यापारी वर्ग और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी

विजयादशमी के इस पावन अवसर पर छुरी कला में नवदुर्गा उत्सव की भी अनोखी छटा देखने को मिलती है। नगर के विभिन्न पंडालों में विराजित मां जगदम्बा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही पूरा नगर भक्तिरस में डूब जाता है। इस आयोजन में स्थानीय व्यापारी बंधु, सामाजिक संस्थाएं तथा क्षेत्र के समस्त जनप्रतिनिधि दलगत भावना से ऊपर उठकर अपनी सक्रिय सहभागिता निभाते हैं। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, शरबत और स्वल्पाहार के स्टॉल लगाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ी सुपरस्टार सुनील सोनी की टीम देगी रंगारंग प्रस्तुति

दशहरा दहन के उपरांत रातभर चलने वाले सांस्कृतिक महाकुंभ में इस बार छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोक गायक व सुपरस्टार सुनील सोनी अपनी पूरी टीम के साथ मंच संभालेंगे। छत्तीसगढ़ी लोकगीतों, जसगीत और कर्णप्रिय धुनों से सजी यह रंगारंग सांस्कृतिक संध्या दर्शकों को रातभर बांधे रखेगी। सुनील सोनी के गीतों पर थिरकने और लोक संस्कृति का आनंद लेने के लिए अंचल के युवाओं और लोककला प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

छुरी कला का यह दशहरा महोत्सव न केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक रियासतकालीन विरासत, आपसी भाईचारे और लोक आस्था का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है।