
आज पिपरिया धान मंडी में जा कर निरक्षण किया और पाया कि प्रबंधक के द्वारा लेबरिंग का पूरा काम धान बेचने आए किसानो से ही कराया जा रहा जिसका विरोध करते हुए उसको हमने बंद कराया। पिपरिया मंडी में, हमने यह स्पष्ट किया: धान बेचने आया किसान मालिक है, श्रमिक नहीं। प्रबंधक द्वारा पर्ची के लिए काम करने का दबाव बनाना सरासर शोषण है। आज यह मनमानी बंद हुई, और किसानों को उनका सम्मान और हक तुरंत मिला। [ ओमप्रकाश यादव ब्लॉक अध्यक्ष यूथ कांग्रेस ब्लॉक पसान ] [ उदय सिंह वाकरे ब्लॉक उपाध्यक्ष यूथ कांग्रेस ब्लॉक पसान ]