
सेंट्रल छत्तीसगढ़ / विनोद उपाध्याय (हरदीबाजार) ..राज्य के 25 वर्षों की सांस्कृतिक, आर्थिक व सामाजिक उपलब्धियों, योजनाओं और सकारात्मक बदलावों को जन-जन तक पहुँचाने तथा महाविद्यालय के विद्यार्थियों को राज्य की संस्कृति, नवचेतना और विकास यात्रा से जोड़ने के उद्देश्य से शासकीय ग्राम्य भारती महाविद्यालय, हरदीबाजार में छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.एम. वैष्णव के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा महाविद्यालय के छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. एस. कृष्णमूर्ति एवं भूतपूर्व छात्र एवं अभिभावक समिति की संयोजक श्रीमती अंजली कंवर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र एवं जनपद पंचायत पाली के पूर्व सभापति मुकेश जायसवाल बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम एल्युमनाई एसोसिएशन की बैठक एवं पेरेंट्स – टीचर मीटिंग आयोजित की गई जिसमें महाविद्यालय के स्थानांतरण से लेकर छात्र- कल्याण हेतु विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई जिसमें महाविद्यालय परिसर में पड़े हुए कबाड़ का व्यवस्थापन, महाविद्यालयीन छात्र – छात्राओं के लिए बस की सुविधा, छात्राओं के लिए गर्ल्स कॉमन रूम, ऑडोटोरियम की सुविधा, कैंटीन की सुविधा आदि विषय सम्मिलित हैं। तत्पश्चात “छत्तीसगढ़ के विकास में युवाओं की भूमिका और दायित्व” विषय पर संगोष्ठी एवं परस्पर संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। इसके साथ ही महाविद्यालय में विद्यार्थियों के हृदय में राज्य के सामुदायिक मूल्यों, अस्मिता और सार्वजनिक भागीदारी की महत्ता जैसे आदर्शों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं जिसमें भाषण, प्रश्नोत्तरी एवं सामूहिक चर्चा हैं। कार्यक्रम के विभिन्न चरणों में में विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय, डॉ. कार्तिकेश्वर दुबे, डॉ. एम.के. वर्मा, शिव कुमार दुबे एवं सत्य शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सुचारू संचालन में मंच संचालक की भूमिका डॉ. अर्चना बोरकर का योगदान सराहनीय रहा, साथ ही डॉ. अनुरमन, डॉ. रानू राठौर, डॉ. उत्सा दास गुप्ता, डॉ. कृष्ण कुमार कश्यप, गुलशन देवांगन, अभिषेक देवांगन, शिव कुमार साहू तथा सुश्री कीर्ति साहू की भूमिका अहम रही तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय की रा.से.यो. इकाई के गौरव अहीर, इशु, प्रियांशु, हिमांशु, संजना राठौर, अंजली धारी, दिव्यानी साहू, हिंगलेश्वरी साहू, सुमन सोंधिया, साक्षी राठौर, रश्मि यादव, प्रतिभा पटेल, मंजू एवं अन्य स्वयंसेवकों का योगदान सराहनीय रहा ।।