
मामला कटघोरा विधानसभा के ग्राम
मामला कटघोरा विधानसभा के ग्राम उतरदा रेलडबरी का
विधायक के गृहग्राम की नदी में नहीं बन पुल, बच्चे नदी पार कर स्कूल आते हैं पढ़ने
कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल के गृहग्राम उत्तरदा रेलडबरी के पितनी नदी पर पुल का निर्माण नहीं होने से आसपास के ग्रामीण अंचल के बच्चे नदी पार कर उतरदा स्कूल पढ़ने के लिए आते हैं। वहीं ग्रामीणों को भी आवागमन में भी नदी में बाढ़ आने से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खास बात
पितनी नदी पर पुल नहीं होने से लोगों को होती है परेशानी
इस मामले के अनुसार विकासखंड पाली अंतर्गत व कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम उतरदा पितनी नदी बहती है, जिसे पार कर धौराभांठ, रामपुर व अंडीकछार से ग्रामीण उत्तरदा सहकारी समिति, अस्पताल, बैंक व बस पकड़ने उतरदा नदी पार कर या 10-15 किमी घूमकर पहुंचते हैं। वहीं सबसे बड़ी समस्या स्कूली बच्चों की है जो छोटे हैं, हाथ में स्कूल बैग व ड्रेस जिसे बचाने सिर पर बस्ता और स्कूल ड्रेस को गिला होने से बचाने तेज बहाव पित्तनी नदी को
नदी पार कर पढ़ाई करने जाती छात्राएं।
पार कर स्कूल आते-जाते हैं। लगभग क्षेत्र से दर्जनों बच्चे शिक्षा ग्रहण करने कुछ इसी तरह नदी पार कर तीन किमी पैदल चल कर मिडिल और हाई स्कूल उत्तरदा पहुंचते हैं जो खतरे से भरा रहता है। बच्चे अगर पानी के तेज बहाव में संभल नहीं पाये तो कुछ भी घटना घट
सकती है। वहीं कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल का गृह ग्राम होने के कारण क्षेत्र के लोगों को इस गंभीर समस्या से जल्द निजात मिलने की उम्मीद बनी हुई ही है। किंतु अब तक निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं हुई है। आने वाले बारिश पूर्व इस नदी पर पुल बनने की उम्मीद से है।
नदी में 30 मीटर लंबे पुल का होना है निर्माण
उतरदा के पितनी नदी में 30 मीटर ला पुल का निर्माण किया जाना है। जिसक कुल लागत 1 करोड़ 78 लाख रुपए है जिसके लिए लोक निर्माण विभाग को एजेंसी बनाया गया है। टेंडर की प्रक्रि के लिए शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति नहीं मिलने के कारण निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शुरु नहीं हो सकी है।
बच्चों को न भेजें स्कूट
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बारिश की वज से नदी में ज्यादा पानी आने के कारण बच्चों अभिभावकों को खतरा मोल लेकर स्कूल न भेजने की सलाह दी है।
पीपी अंचला, प्राचार्य, हाई स्कूल
पुल बन जाने से आवागमन की य समस्या बारिश के दिनों में दूर हो जाएगी लोगों को व स्कली बच्चों को जानजोखिम में डालकर नदी पार करना नहीं पड़ेगा।