कोरबा। खनिज संपदा से समृद्ध जिला कोरबा में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। नगर निगम क्षेत्र के कई इलाकों में बिजली के ट्रांसफॉर्मर बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी के खुले पड़े हैं। इन ट्रांसफॉर्मरों के आसपास न तो जाली लगाई गई है और न ही कोई सुरक्षा दीवार बनाई गई है।
ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। खासकर बच्चों और राहगीरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। कई जगहों पर ट्रांसफॉर्मर सड़क किनारे या आबादी के बीच स्थापित हैं, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है।
स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इन ट्रांसफॉर्मरों के चारों तरफ मजबूत जाली या घेराबंदी कर दी जाए, तो संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। लोगों का कहना है कि यह कोई बड़ा खर्च वाला काम नहीं है, लेकिन इससे आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
DMF फंड का किया जा सकता है उपयोग
कोरबा जिला खनिज संपदा से समृद्ध है और यहां हर साल जिला खनिज न्यास फंड (DMF) के रूप में करोड़ों रुपये प्राप्त होते हैं। इस फंड का उद्देश्य ही जनहित से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना है, ताकि खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्थाएं बेहतर की जा सकें।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब जिले में पर्याप्त फंड उपलब्ध है, तो फिर आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा इतना महत्वपूर्ण काम अभी तक क्यों नहीं किया गया?
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जिम्मेदारी
शहर के जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि समय रहते ट्रांसफॉर्मरों के आसपास सुरक्षा घेराबंदी नहीं की गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर मुद्दे पर कब जागते हैं और कोरबा शहर के लोगों को सुरक्षित माहौल देने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।