
कोरबा/कटघोरा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ )| विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। SBI Foundation एवं SBISG Global के सहयोग से शिखर युवा मंच द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से होगा बीमारियों का समाधान
अभियान की शुरुआत ग्राम सलीहाभाटा से हुई, जहाँ 33 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य और विज्ञान के बीच के गहरे संबंध को रेखांकित किया। ग्रामीणों को समझाया गया कि अंधविश्वास के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग कर हम अपने जीवन को अधिक सुरक्षित और स्वस्थ बना सकते हैं। इस दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी फिल्में भी दिखाई गईं।

मासिक धर्म स्वच्छता पर किशोरियों को किया जागरूक
इसी कड़ी में केरवाड़वारी हाई स्कूल में एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें 90 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। यहाँ विशेष रूप से बालिकाओं को ‘मासिक धर्म स्वच्छता’ (Menstrual Hygiene) के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें सैनिटरी नैपकिन के सही उपयोग और स्वास्थ्य के लिए इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि किशोरियां झिझक छोड़कर स्वच्छता के प्रति सजग बन सकें।
हाथीमुंड में भी गूँजा सेहत का संदेश
कार्यक्रम का विस्तार ग्राम हाथीमुंड तक रहा, जहाँ 33 ग्रामीणों ने सहभागिता दर्ज की। यहाँ संतुलित पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता के महत्व पर चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि कैसे छोटे-छोटे बदलाव, जैसे स्वच्छ पानी और बेहतर खान-पान, गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं।
जागरूकता ही उद्देश्य
इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित करना रहा। सभी स्थानों पर ग्रामीणों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और इसे सफल बनाया।