कोरबा : “प्रशासन बेअसर, रेत माफिया बेलगाम: कटघोरा में दिन-रात दौड़ रहे अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर”.

कोरबा/कटघोरा, 14 मार्च 2026 ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) आशुतोष शर्मा : कोरबा जिले के उपनगरीय क्षेत्र कटघोरा में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का धंधा पूरी तरह बेलगाम हो चुका है। प्रशासनिक कार्रवाई के दावे भले ही किए जाते हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि रेत माफिया बेखौफ होकर दिन-रात नदियों से रेत निकालकर सड़कों पर ट्रैक्टर दौड़ा रहे हैं। न तो उन्हें खनिज विभाग की कार्रवाई का डर है और न ही अनुविभागीय अधिकारी (SDM) की सख्ती का कोई असर दिखाई देता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध रेत का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। कटघोरा क्षेत्र के कसनिया स्थित अहिरन नदी घाट, पुछापारा अहिरन नदी, कसरेंगा अहिरन नदी, जवाली और बिंजपुर के आसपास से लगातार रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। दिन में भी ट्रैक्टरों के जरिए रेत का परिवहन होता है, लेकिन शाम ढलते ही यह गतिविधि और तेज हो जाती है। रात के अंधेरे में देर रात से लेकर भोर तक ट्रैक्टरों की आवाजाही लगातार बनी रहती है।

चौंकाने वाली बात यह है कि इन ट्रैक्टरों के पास रॉयल्टी की वैध पर्ची भी नहीं होती, इसके बावजूद वे खुलेआम सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें भी की गईं, जिसके बाद कटघोरा के अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कुछ ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई थी। लेकिन कार्रवाई का असर ज्यादा दिनों तक नहीं टिकता। एक-दो महीने बाद जब ट्रैक्टर मालिक जुर्माना भरकर अपने वाहन छुड़ा लेते हैं तो वही अवैध धंधा फिर से शुरू हो जाता है।

सूत्रों के अनुसार, जब कभी खनिज विभाग का उड़नदस्ता किसी ट्रैक्टर को पकड़ता भी है तो कथित तौर पर “नजराना” देकर वाहन छुड़वा लिया जाता है। इसी वजह से रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे प्रशासनिक कार्रवाई को भी गंभीरता से नहीं लेते। लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से नदियों का प्राकृतिक स्वरूप भी बिगड़ रहा है और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो नदी घाटों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है।

फिलहाल स्थिति यह है कि कटघोरा क्षेत्र में रेत माफिया पूरी तरह सक्रिय हैं और प्रशासनिक उदासीनता के कारण अवैध उत्खनन व परिवहन का सिलसिला बदस्तूर जारी है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस पर कब तक प्रभावी और स्थायी कार्रवाई करता है।