कटघोरा हाई स्कूल मैदान में DMF मद का बंदरबांट: अधूरा निर्माण, खराब लाइट और सूखी घास, खिलाड़ियों ने खोली भ्रष्टाचार की पोल

कटघोर.( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) अशुतोष शर्मा : नगर पालिका परिषद कटघोरा के अंतर्गत हाई स्कूल मैदान के कायाकल्प के नाम पर लाखों रुपये के DMF (जिला खनिज संस्थान न्यास) मद के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। खिलाड़ियों का आरोप है कि ठेकेदार और नगर पालिका के इंजीनियर की जुगलबंदी के कारण खेल मैदान की स्थिति सुधरने के बजाय और बदतर हो गई है। गुणवत्ताहीन कार्य और अधूरी परियोजनाओं के चलते स्थानीय खिलाड़ियों में भारी आक्रोश और मायूसी है।

करोड़ों के काम, धरातल पर शून्य

​नगर पालिका परिषद कटघोरा को निर्माण एजेंसी बनाते हुए जनवरी 2025 से बाउन्ड्रीवाल, पिच निर्माण, घास और लाइट लगाने का कार्य प्रारंभ किया गया था। निर्माण की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद मैदान की स्थिति दयनीय है:

  • घटिया बाउन्ड्रीवाल: खिलाड़ियों का आरोप है कि बाउन्ड्रीवाल का निर्माण निर्धारित मानकों (अनुमानक मात्रा) के विपरीत बेहद निम्न स्तर का किया गया है।
  • अंधेरे में मैदान: मैदान में तीन पोल पर लाइटें लगाई गई थीं, जिनमें से एक पोल की लाइट अभी से बंद हो चुकी है। लाइटिंग का पूरा सेटअप गुणवत्ताहीन प्रतीत होता है।
  • दम तोड़ती घास और फेल बोरिंग: मैदान के सौंदर्यीकरण के लिए लगाई गई घास पानी के अभाव में सूखकर बेजान हो चुकी है। बोर खनन का कार्य इतना घटिया हुआ कि हैंडओवर से पहले ही बोरिंग खराब हो गई। अब घास बचाने के लिए विभाग बारिश के भरोसे बैठा है।
  • लापता पिच: योजना में शामिल क्रिकेट पिच का निर्माण अब तक शुरू भी नहीं किया गया है।

फर्जी बिल के जरिए राशि आहरण की तैयारी?

​खिलाड़ियों ने एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है कि ठेकेदार और नगर पालिका के इंजीनियर मिलकर इस अपूर्ण और गुणवत्ताहीन कार्य को कागजों पर ‘पूर्ण’ दिखाकर फर्जी बिलों के माध्यम से राशि आहरण (भुगतान) करने की फिराक में हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि बार-बार निवेदन के बावजूद न तो ठेकेदार और न ही इंजीनियर इस ओर ध्यान दे रहे हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर संदेह गहरा गया है।

खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर

​मैदान की बदहाली के कारण कटघोरा के उभरते हुए खिलाड़ियों का अभ्यास पूरी तरह बंद हो गया है। खिलाड़ियों ने प्रशासन से मांग की है कि:

  1. ​पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की जाए।
  2. ​गुणवत्ताहीन कार्यों को दुरुस्त कराकर जल्द से जल्द मैदान को खेलने लायक बनाया जाए।
  3. ​भ्रष्ट अधिकारियों और लापरवाह ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।