
रायपुर ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों (सरकारी मेडिकल कॉलेजों) में मीडिया के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध पर अब सरकार ने पीछे हटने का फैसला किया है। इस संबंध में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “मीडिया का सम्मान हमारी नजरों में हमेशा रहा है। किसी भी निर्णय से पहले सभी मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य सचिव विदेश दौरे पर हैं, इसलिए मैं इस आदेश को तत्काल रोकता हूं।”
मीडिया बैन आदेश पर हुआ था बड़ा राजनीतिक बवाल
कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ के प्रमुख सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मीडिया कवरेज पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया था। इसके बाद राज्य में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
विपक्ष ने बताया – ‘सरकार की नाकामी छिपाने की कोशिश’
इस फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर जमकर हमला बोला था। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा था, “यह मीडिया पर सेंसरशिप थोपने का प्रयास है। सरकार अपनी खामियां छिपाने के लिए मीडिया की आवाज दबा रही है। इससे मरीजों को ही नुकसान होगा।”
कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का हमला – ‘मीडिया के लिए आपातकाल जैसा’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि, “BJP सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को छिपाने के लिए मीडिया पर रोक लगा रही है। यह फैसला मीडिया के लिए आपातकाल जैसा है।”
विधायक देवेंद्र यादव बोले – ‘यह तुगलकी फरमान है’
भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने भी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा था, “सरकार ने अपनी विफलता छुपाने के लिए मीडिया पर बैन लगाया है। यह तुगलकी फरमान है, जो सीधे मरीजों के हितों के खिलाफ है। मैं इस विषय पर सरकार को पत्र लिखूंगा।”
बहरहाल विवाद बढ़ता देख अब स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया बैन आदेश पर रोक लगा दी है और कहा है कि मीडिया से बातचीत के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।