श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ रसपान के लिए भक्त जनों का लग रहा तांता

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देवी प्रतिमा तिवारी ने कहा प्रभु श्री कृष्ण की शरण में जाने पर सभी पापों का नष्ट हो जाता है

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सेंट्रल छत्तीसगढ़ / विनोद उपाध्याय (हरदीबाजार).. हरदी बाजार बस्ती रोड मथुरा यशोदा शांता कृपा एम आर ब्रदर्स भवन में क्षेत्र एवं घर परिवार के सुख शांति कामना को लेकर श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ हरदीबाजार में 29 नवंबर से 6 दिसंबर तक हो रहा है कथा वाचिका देवी प्रतिमा तिवारी जी प्रयागराज उत्तर प्रदेश के द्वारा रोजाना दोपहर 3:00 बजे से प्रभु इच्छा तक भक्तजनों को भगवान श्री विष्णु जी की संगीतमय कथा का रसपान कराया जा रहा है कथा के तीसरे दिन जड़ भरत चरित्र, भक्त प्रहलाद चरित्र कथा रसपान कराया कथा में देवी प्रतिमा तिवारी जी के द्वारा बहुत ही सरल भाव से भक्त जनों को रसपान कराते हुए कहा कि हर एक व्यक्ति के जीवन में दुख के साथ सुख आता है दोनो सगे भाई हैं जो जीवन में एक दूसरे के उतार चढ़ाव रहता है भक्त प्रहलाद भगवान विष्णु जी के हरे कृष्णा हरे राम के नाम जपता रहा जो की राजा हिरण्य कश्यप के द्वारा अपनी पुत्र को मृत्युदंड दिए लेकिन प्रभु श्री कृष्ण जी की कृपा से सभी जगह सुरक्षित बचकर निकल गया था भगवान श्री कृष्ण नाम शब्द से ही तन मन को शांति मिलती है इसी तरह महाभारत में जब द्रोपदी का चीर हरण हो रहा था तब दोनों हाथों को उठा कर भगवान श्री कृष्ण को पुकारा ,राजा मनु श्री कृष्ण जी के शरण मे जा कर धन्य हो गया इसी तरह भक्तों को रसपान कराया गया कि जहां प्रभु के नाम आए भगवान श्री कृष्ण जी के शरण में दोनों हाथ उठाकर उनके शरण में जाने से पूरे कुल का जन्म जन्मांतर तक पुण्य को प्राप्त कर मोक्ष को प्राप्त करता है कहा जाए जो व्यक्ति भगवान विष्णु जी के शरण में जाता है उसका सभी पापों का नष्ट हो जाता है,इस दौरान कार्यक्रम को सफल बनाने में खैबर सिंह राठौर, खेमिन राठौर, नरेश कुमार, मीना राठौर मुख्य यजमान ,मनोज कुमार संतोषी राठौर, राजेश संतोषी राठौर, सतीष,पालेश्वर,निलेश,रीता राठौर,सत्यवती दिव्या उपासना,शिवम्,हेमंत,वंश राठौर लगे हुए है इस दौरान जयसिंह राठौर गुरुजी,चिंताराम राठौर,हरिराम अग्रवाल,गया प्रसाद,हरनारायण राठौर ,चुलेश्वर राठौर,जगदीश अग्रवाल,बाबूराम राठौर,विनोद उपाध्याय,निलेंद्र राठौर,राजाराम राठौर,गोविंद राठौर,रामबिहारी राठौर ,प्यारे पटेल सहित भक्तजनों ने गंगा रूपी भागवत कथा का रसपान किया ।।