CG Vidhan Sabha News: पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर मरकाम ने सरकार से मांगी जलाशयों की जानकारी.. कहा, नहीं मिला जवाब तो गोंगपा करेगी उग्र आंदोलन

कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): जिले के जल संसाधन संभाग द्वारा क्षेत्र के जलाशयों के रखरखाव और नहर मरम्मत पर खर्च की गई राशि को लेकर पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने विधानसभा के बजट सत्र 2026 में तारांकित प्रश्न के माध्यम से मुख्यमंत्री से विस्तृत जानकारी मांगी है। विधायक ने वर्ष 2022 से जनवरी 2026 तक एआर/एसआर मद के तहत स्वीकृत और खर्च की गई राशि का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने की मांग की है। उन्होंने यह भी पूछा है कि किन-किन जलाशयों के रखरखाव के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितनी खर्च की गई और संबंधित कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है।

विधायक मरकाम ने अपने प्रश्न में यह भी स्पष्ट किया है कि रखरखाव और मरम्मत से जुड़े स्वीकृत कार्यों के नाम, कार्यस्थल, कार्य एजेंसी तथा कार्यों की भौतिक प्रगति (पूर्ण या अपूर्ण) की वर्षवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी कार्य को स्वीकृति नहीं दी गई है तो उसके कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए। ज्ञात हो कि विधायक मरकाम क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर हर सत्र-चाहे वह बजट सत्र हो, मानसून सत्र हो या शीतकालीन सत्र-में आक्रामक रुख अपनाते रहे हैं और विभागीय अनियमितताओं को उजागर करने का प्रयास करते रहे हैं।

क्षेत्र के किसानों की सिंचाई व्यवस्था का प्रमुख आधार स्थानीय जलाशय और नहरें हैं। किसानों को नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है, लेकिन नहरों और एनीकट की समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण कई स्थानों पर नहरें कट चुकी हैं। इससे जलापूर्ति बाधित होती है और किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाता। इसका सीधा असर खेती और उत्पादन पर पड़ता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

विधायक ने सरकार से यह भी अपेक्षा की है कि जल उपभोक्ता संस्थाओं और संस्थागत क्षेत्र के जलाशयों की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट नीति और जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना है कि यदि रखरखाव और मरम्मत कार्यों में लापरवाही हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। अब सभी की नजरें 24 फरवरी को निर्धारित समय पर मुख्यमंत्री द्वारा दिए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं।

इधर, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष विद्वान मरकाम ने भी इस मुद्दे को किसानों की मूलभूत समस्या से जोड़ते हुए चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और सिंचाई व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई, तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी हमेशा किसानों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ती रही है और आवश्यकता पड़ने पर जिला मुख्यालय का घेराव भी किया जाएगा।