
कोरबा सेंट्रल छत्तीसगढ़। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद के कार्यों के आवंटन में हो रही भेदभावपूर्ण नीति को लेकर जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद जाखड़ के नेतृत्व में सदस्यों ने जिलाधीश (कलेक्टर) को पत्र लिखकर अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्वीकृति की मांग की है।

“जनता को क्या जवाब दें?” – सदस्यों का सवाल
सौंपे गए ज्ञापन में सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा जिला पंचायत और जनपद के उच्च पदाधिकारियों के लेटरपैड पर तो कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, लेकिन निर्वाचन क्षेत्र के वास्तविक जमीनी सेनानियों (जनपद सदस्यों) को नजरअंदाज किया जा रहा है।
- बड़ा प्रतिनिधित्व: एक जनपद सदस्य औसतन 5 से 6 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी संभालता है।
- जनता की उम्मीदें: ग्रामीण क्षेत्रों की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए सीधे जनपद सदस्य के पास पहुँचती है, लेकिन बजट और कार्यों के अभाव में सदस्य लाचार महसूस कर रहे हैं।
- समान अधिकार की मांग: सदस्यों ने मांग की है कि खनिज न्यास के आवंटन में उन्हें भी प्राथमिकता दी जाए ताकि वे अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं का निराकरण कर सकें।
एकजुट हुए जनपद सदस्य
इस मुहिम में क्षेत्र के सभी प्रमुख जनप्रतिनिधि एक साथ आए हैं। मांग करने वालों में मुख्य रूप से अध्यक्ष मधुरी सिंह, उपाध्यक्ष प्रकाश चंद जाखड़ सहित आयुष तंवर, विजय दुबे, दुर्गेश डिक्सेना, शिवभरोश लकड़ा, ममता पुहुप, आनंद आयाम, संतोष मरावी, पवन पोया, जवाहर बिंझवार, छत्तर पाटले, फूलकुंवर पावले, कमला पेंड्रो, श्यामा पेंड्रो, भरत सिदार, तिवारी मराबी, साहेब लाल और रघुराज सिंह शामिल हैं।
जनपद सदस्यों ने चेतावनी भरे लहजे में निवेदन किया है कि यदि विकास कार्यों के आवंटन में उन्हें उचित सम्मान और हिस्सेदारी नहीं मिली, तो क्षेत्र की जनता के हितों के लिए वे आगे की रणनीति बनाने पर मजबूर होंगे।