
कटघोरा/जटगा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): प्राथमिक लघु वनोपज समिति जटगा के प्रबंधक राजकुमार श्रोते की बर्खास्तगी को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) द्वारा दी गई उग्र आंदोलन और डीएफओ (DFO) कार्यालय के घेराव की चेतावनी के बाद, जिला वनोपज सहकारी यूनियन कटघोरा ने अपने पूर्व के आदेश को निरस्त करते हुए राजकुमार श्रोते को पुनः प्रभार सौंपने का निर्णय लिया है।

क्या था पूरा मामला?
राजकुमार श्रोते वर्ष 2012 से जटगा समिति में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। हाल ही में जिला यूनियन कटघोरा द्वारा उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के पद से पृथक कर दिया गया था। इस बर्खास्तगी के खिलाफ राजकुमार श्रोते ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की शरण ली थी, जहाँ से उन्हें 18 फरवरी 2026 को स्थगन आदेश (Stay Order) मिल गया था। इसके बावजूद, स्थानीय स्तर पर उन्हें प्रभार नहीं दिया जा रहा था और अनबरन सिंह को जटगा का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया था।
गोंगपा ने खोला मोर्चा, घेराव की दी थी चेतावनी
राजकुमार श्रोते के समर्थन में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम ने मोर्चा खोल दिया था। 12 मार्च 2026 को वनमंडलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में पार्टी ने आरोप लगाया था कि:
- माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद राजकुमार श्रोते को प्रभार न देना राजनीतिक दबाव का हिस्सा है।
- क्षेत्रीय विधायक की अनुशंसा के बाद भी विभाग मौन रहा।
- पार्टी ने अल्टीमेटम दिया था कि यदि एक सप्ताह के भीतर श्रोते को यथावत नहीं रखा गया, तो डीएफओ कार्यालय कटघोरा का उग्र घेराव किया जाएगा।
प्रशासन ने वापस लिया आदेश

गोंगपा की चेतावनी और कानूनी अड़चनों को देखते हुए, कार्यालय प्रबंध संचालक, जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित कटघोरा ने 13 मार्च 2026 को नया आदेश (क्रमांक 930) जारी किया। इस आदेश के तहत:
- पूर्व में जारी वह आदेश निरस्त कर दिया गया है जिसके तहत अनबरन सिंह (प्रबंधक, तुमान) को जटगा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
- राजकुमार श्रोते को पुनः जटगा समिति का समस्त प्रभार प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया है।
खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों में हर्ष
राजकुमार श्रोते की बहाली के निर्णय का जटगा क्षेत्र के ग्रामीणों और स्थानीय खिलाड़ियों ने स्वागत किया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सत्य और न्याय की जीत है।