
कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) अकित सिंह: मुख्य वन संरक्षक, वन वृत्त बिलासपुर एवं वनमण्डलाधिकारी, वनमण्डल कोरबा द्वारा वनमण्डल अंतर्गत् वनों की सुरक्षा, वन्यप्राणियों की सुरक्षा, अवैध कटाई, अवैध उत्खनन, अवैध शिकार के प्रकरणों की रोकथाम को मुख्य प्राथमिकता दी गई है। मुखबिरों से प्राप्त सूचना के अनुसार आज दिनांक 12.01.2026 को कुदमुरा परिक्षेत्र के प.स. वृत्त कुदमुरा के कुदमुरा वन परिसर में ग्राम कुदमुरा में 03 अभियुक्तों/ग्रामीणों के कुल 08 घर एवं बाड़ी तथा रेशम विभाग कुदमुरा के परिसर में नियमानुसार सर्च वारंट जारी कर पुलिस बल की उपस्थिति में उपवनमण्डलाधिकारी दक्षिण कोरबा, वन परिक्षेत्र अधिकारी करतला, वन परिक्षेत्र अधिकारी पसरखेत, वन परिक्षेत्र अधिकारी बालको, वन परिक्षेत्र अधिकारी कुदमुरा एवं वनमण्डल के अन्य परिक्षेत्र में कार्यरत लगभग 40 वन अधिकारियों के साथ 03 पृथक् पृथक् सर्च टीम का गठन कर जारी किये गये सर्च वारंट के तहत् श्री सहनीराम राठिया, उपवनक्षेत्रपाल, वृत्त वन अधिकारी केराकछार, परिक्षेत्र पसरखेत, श्री कांति कुमार कंवर, उपवनक्षेत्रपाल, वृत्त वन अधिकारी बालको, परिक्षेत्र बालको, श्री अनिल कुमार कंवर, वनपाल, वृत्त वन अधिकारी अजगरबहार दक्षिण, परिक्षेत्र बालको द्वारा विधिवत् सर्च वारंट की तामिली कर करतला थाना के पुलिस कर्मी एवं वनविभाग के अधिकारी/कर्मचारी के सक्रिय एवं सकारात्मक सहयोग से नियमानुसार वृहद् तलाशी की कार्यवाही कुल 08 घरों एवं संलग्न बाड़ी में की गई जो कि पूर्णतः शांतिपूर्ण वातावरण में बिना किसी विवाद के सम्पन्न हुई। तलाशी में वृहद् पैमाने पर अभियुक्त (1) रामदास महंत पिता स्व. गोपालदास, साकिन कुदमुरा (2) श्यामदास महंत पिता स्व. गोपालदास साकिन कुदमुरा (3) लछनसिंह राठिया पिता स्व. दिलबोध, साकिन कुदमुरा के घर एवं बाड़ी तथा रेशम विभाग कुदमुरा के परिसर से सागौन एवं साल प्रजाति के ईमारती लगभग 366 नग 9.933 घ.मी., लगभग शासकीय वनोपज तथा हाथआरा 02 नग, चक्कादार कनासी 02 नग को नियमानुसार जप्त किया गया है। जिसका वन विभाग के वाणिज्यिक दर अनुसार लगभग मूल्य 221528.00 रुपये है।
उक्त कार्यवाई कुदमुरा, करतला, पसरखेत एवं बालको परिक्षेत्र के अधिकारियो एवं कर्मचारियों तथा पुलिस बल की संयुक्त टीम द्वारा की गई। ध्यातव्य है कि उक्त अभियुक्तों में से 02 अन्य विभागों से संबंधित शासकीय कर्मचारी हैं। मामले में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के वर्तमान् प्रचलित वन अधिनियमों के तहत् आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।