
कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) : छत्तीसगढ़ के पौड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत भूलेझरिया प्राथमिक शाला में सामने आई भारी अव्यवस्था और लापरवाही के मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) आर. दयाल ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। मीडिया और ग्रामीणों की शिकायतों के बाद, BEO ने संबंधित क्लस्टर समन्वयक (CAC) को ‘कारण बताओ’ (Show Cause) नोटिस जारी किया है
नियमों का हवाला और नई हिदायत
BEO आर. दयाल ने स्पष्ट किया कि किसी भी सीएससी (CAC) को यह निर्देश हैं कि वह पहले आवंटित विद्यालय में जाकर दो परेड (Periods) पढ़ाए, और उसके बाद ही अन्य विद्यालयों के निरीक्षण के लिए निकले। पौड़ी उपरोड़ा मामले में नियमों की अनदेखी और लापरवाही की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए यह नोटिस जारी किया गया है। BEO ने कहा, “जवाब संतोषजनक न होने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
उल्लास परीक्षा और शिक्षकों की अनुपस्थिति
यह मामला उल्लास परीक्षा के दिन और अधिक गंभीर हो गया। ग्रामीणों और सरपंच के अनुसार, परीक्षा के दिन भी सीएससी स्कूल से नदारद थे। इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह रही कि विद्यालय का ताला बच्चों से खुलवाया गया, क्योंकि दोनों नियमित शिक्षक भी स्कूल में मौजूद नहीं थे। यह बच्चों की सुरक्षा और परीक्षा की शुचिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सरपंच और ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई
भूलेझरिया प्राथमिक शाला की इस बदहाली और शिक्षकों की लगातार अनुपस्थिति से परेशान होकर, ग्राम सरपंच और स्थानीय ग्रामीणों ने सीएससी तीजराम पटेल समेत शिक्षकों की शिकायत मीडिया और उच्चाधिकारियों से की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इस लापरवाही के कारण बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

आगे की कार्रवाई
इस मामले ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। अब सभी की नजरें सीएससी के जवाब और उसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा की जाने वाली दंडात्मक कार्रवाई पर टिकी हैं। यह घटना सेंट्रल छत्तीसगढ़ में ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है।