कोरबा: ‘उल्लास’ महापरीक्षा में साक्षरता की अनूठी मिसाल; जेल के बंदियों से लेकर सास-बहू तक ने थामी कलम

कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़) : ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ के संकल्प को चरितार्थ करते हुए आज कोरबा जिले में ‘उल्लास – नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान आकलन परीक्षा का भव्य आयोजन किया गया। इस महापरीक्षा की सबसे खास तस्वीर जिला जेल और कटघोरा उपजेल से निकलकर सामने आई, जहाँ सलाखों के पीछे बंद कैदियों ने अपराध का रास्ता छोड़ शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया।

पूरे जिले में 17,305 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लेकर जगाई शिक्षा की अलख; जिला जेल के 55 बंदी भी बने साक्षरता अभियान का हिस्सा

जेल की चारदीवारी में गूंजा शिक्षा का मंत्र

​साक्षरता विभाग और जेल प्रशासन के समन्वय से आयोजित इस परीक्षा में कोरबा जिला जेल के 30 और कटघोरा उपजेल के 25 बंदियों ने हिस्सा लिया। जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा ने बताया कि यह पहल बंदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।

रिश्तों की डोर और शिक्षा की लौ

​जिले भर के प्राथमिक स्कूलों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित इस परीक्षा में जन-भागीदारी का अद्भुत नजारा दिखा:

  • उम्र की कोई सीमा नहीं: परीक्षा में 15 वर्ष के किशोरों से लेकर 75 वर्ष के बुजुर्गों तक ने उत्साह दिखाया।
  • रिश्तों की भागीदारी: परीक्षा केंद्रों पर कहीं देरानी-जेठानी, कहीं सास-बहू तो कहीं देवर-भाभी एक साथ बैठकर पेपर हल करते नजर आए।
  • मिसाल: विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के एक केंद्र में एक पति-पत्नी अपने दो छोटे बच्चों को साथ लेकर परीक्षा देने पहुंचे, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।

प्रशासनिक अधिकारियों ने थपथपाई पीठ

​जिले में कुल 17,305 लोगों ने अपने दैनिक कामकाज छोड़कर साक्षर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया। इस सफल आयोजन पर जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, डीईओ तामेश्वर भारद्वाज और जिला साक्षरता अधिकारी ज्योति शर्मा ने हर्ष व्यक्त किया है। अधिकारियों ने कहा कि जेल के बंदियों का इस परीक्षा में शामिल होना उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा।

खास बात: दुर्गम क्षेत्रों से लेकर शहर की जेलों तक, आज हर कोई ‘उल्लास’ के रंग में रंगा नजर आया। प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।