
कोरबा (सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ) : अडानी पावर प्लांट प्रबंधन की लापरवाही अब आम जनजीवन पर भारी पड़ रही है। प्लांट परिसर के भीतर पार्किंग सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद कर्मचारियों और लेबरों को हाईवे किनारे, 1 नंबर गेट के सामने अंडरब्रिज के नीचे दोपहिया वाहन पार्क करने की छूट दी जा रही है। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि भविष्य में गंभीर हादसे की आशंका भी मंडरा रही है।

हर शाम बनती है जाम की स्थिति
रोजाना शाम 8 बजे शिफ्ट खत्म होते ही अंडरब्रिज के नीचे कर्मचारियों और उनके वाहनों की भीड़ लग जाती है। इस दौरान हाईवे पर लंबा जाम लग जाता है, जिसमें एंबुलेंस, बस, ट्रक जैसे छोटे-बड़े वाहन फंसे रहते हैं। मरीजों, स्कूली बच्चों और यात्रियों को घंटों की परेशानी झेलनी पड़ती है।

पुलिस और NHAI के निर्देशों को दरकिनार
कोरबा पुलिस अधीक्षक और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अडानी पावर प्लांट को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अंडरब्रिज के नीचे वाहन पार्क न किए जाएं। बावजूद इसके, प्लांट प्रबंधन ने इन निर्देशों की खुलेआम अवहेलना करते हुए सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया है।
अगर हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
जब प्लांट परिसर में ही पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था है, तो कर्मचारियों को बाहर वाहन खड़ा करने की अनुमति क्यों दी जा रही है? यदि किसी दिन दुर्घटना हो जाए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? यह सवाल अब स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों दोनों के बीच चिंता का विषय बन गया है।

स्थानीयों की चेतावनी: सुधार नहीं तो होगा विरोध
पटाढ़ी और आसपास के ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर गहरा रोष है। उनका कहना है कि अडानी प्रबंधन को अब तत्काल इस समस्या का समाधान करना चाहिए। यदि पार्किंग व्यवस्था प्लांट के भीतर नहीं की गई, तो स्थानीय लोग आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
अडानी प्रबंधन की मनमानी चरम पर
अडानी पावर प्लांट की गैरजिम्मेदाराना रवैये ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कॉरपोरेट मुनाफे के आगे आम जनता की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता नहीं दी जाती। अब समय आ गया है कि प्रशासन और स्थानीय नागरिक मिलकर इस अव्यवस्था को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाएं।