
कोरबा ( सेन्ट्रल छत्तीसगढ़ ): जिले के कोरबा कोतवाली में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) मनोज मिश्रा को एसीबी की टीम ने शुक्रवार को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एसीबी बिलासपुर की टीम ने की, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या शिकायत थी?
शिकायतकर्ता पंचराम चौहान, निवासी केसला (जिला कोरबा), ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि उसके पास एक बोलेरो वाहन है। कुछ दिन पहले हरदीबाजार थाने में पदस्थ ASI मनोज मिश्रा रात करीब 1 बजे उसके गांव पहुंचा और आरोप लगाया कि उसकी गाड़ी का इस्तेमाल डीजल चोरी में किया जा रहा है।
इसके बाद ASI ने बोलेरो को थाने ले जाने के लिए कहा। रास्ते में ही मनोज मिश्रा ने कार्रवाई से बचाने के एवज में 50,000 रुपये की मांग की। जब शिकायतकर्ता ने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो ASI ने उसकी गाड़ी अपने पास रख ली। हालांकि अगली सुबह वाहन लौटा दिया गया, लेकिन कहा गया कि जल्द ही पैसे की व्यवस्था कर ले।
एसीबी ने इस तरह की कार्रवाई?
पंचराम ने रिश्वत न देकर मनोज मिश्रा को रंगे हाथ पकड़वाने का निर्णय लिया और इसकी शिकायत एसीबी से की। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। 5 अप्रैल 2025 को पंचराम को रिश्वत की रकम में से 10,000 रुपये के साथ मनोज मिश्रा के पास भेजा गया।
जैसे ही ASI ने ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में रिश्वत की रकम ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
लगातार छठी कार्रवाई
गौरतलब है कि पिछले सात महीनों में यह प्रदेश में पुलिसकर्मियों के खिलाफ एसीबी की लगातार छठी ट्रैप कार्रवाई है। कोरबा में हुई यह कार्रवाई दिनभर चर्चा का विषय बनी रही और पुलिस महकमे में हलचल मच गई।